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भारत बनाम पाकिस्तान सीरीज के बिना वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का कोई मतलब नहीं : वकार यूनिस

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और कोच रह चुके वकार यूनिस ने आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप को लेकर अपनी बात रखी है। उनका मानना है कि आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप भारत और पाकिस्तान की प्रतिद्वंद्विता के बिना बेकार है। इतना ही नहीं उनका मानना है कि इस मामले मे

Deepak Chauhan 18-03-2020 12:10:18



पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और कोच रह चुके वकार यूनिस ने आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप को लेकर अपनी बात रखी है। उनका मानना है कि आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप भारत और पाकिस्तान की प्रतिद्वंद्विता के बिना बेकार है। इतना ही नहीं उनका मानना है कि इस मामले में आईसीसी को कुछ ठोस कदम उठाना चाहिए था।

आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में टॉप-9 टेस्ट टीमें हिस्सा ले रही हैं। सभी टीमें कुल छह द्विपक्षीय टेस्ट सीरीज खेलेंगी। ये द्विपक्षीय सीरीज दोनों टीमों की आपसी सहमति से खेली जाएंगी। इस दौरान प्वॉइंट टेबल के हिसाब से टॉप-2 टीमों के बीच जून में लॉर्ड्स के मैदान पर इस टूर्नामेंट का फाइनल मैच खेला जाएगा। उन्होंने यूट्यूब चैनल क्रिकेट बाज को दिए इंटरव्यू में कहा, 'मुझे पता है कि दोनों देशों के बीच स्थिति सामान्य नहीं है। दोनों देशों के सरकार के बीच भी तनाव है, लेकिन ऐसे में आईसीसी को इस चैंपियनशिप को लेकर कुछ करना चाहिए था।'

उन्होंने आगे कहा, 'इसमें आईसीसी को बीच में पड़ना चाहिए था और भारत-पाकिस्तान के बीच टेस्ट सीरीज कराने के लिए कुछ ठोस कदम उठाना चाहिए था क्योंकि मेरे हिसाब से पाकिस्तान और भारत के बीच टेस्ट सीरीज के बिना आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का कोई मतलब नहीं है।' 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमलों के बाद से भारतीय टीम ने पाकिस्तान का दौरा नहीं किया है। इन दोनों टीमों के बीच आखिरी बार द्विपक्षीय टेस्ट सीरीज 2007 में खेली गई थी। वकार ने कहा कि दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण रिश्तों के कारण उन्हें भारत के खिलाफ महज चार टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला। उन्होंने पाकिस्तान के लिए 14 साल के लंबे करियर में 87 टेस्ट मैच और 262 वनडे इंटरनेशनल मैच खेले।


'भारत के खिलाफ टेस्ट डेब्यू करना यादगार'

उन्होंने कहा, 'यह हमेशा से ऐसा ही रहा है इसलिए भारत के खिलाफ टेस्ट डेब्यू करना ऐसा कुछ है, जिसे मैं कभी भी नहीं भूलूंगा।' इसके अलावा वकार ने टीम इंडिया के तेज गेंदबाजों की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, 'अगर आप भारत की ओर देखें तो उन्होंने तेज गेंदबाजी डिपार्टमेंट में काफी कड़ी मशक्कत की है। अब टीम में ऐसे गेंदबाज हैं, जो 140 प्लस रेंज में लगातार गेंदबाजी कर सकते हैं। पहले ऐसा नहीं था, लेकिन अब जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, इशांत शर्मा भारत को टॉप पर ले गए हैं। यही वजग है कि टीम इंडिया टेस्ट फॉरमैट में अच्छा प्रदर्शन कर रही है।'


'भारत की रोटेशन पॉलिसी अच्छी'

वकार ने कहा कि भारत के पास तेज गेंदबाजों के लिए अच्छी रोटेशन पॉलिसी भी है। उन्होंने कहा, 'अगर आप उनकी टेस्ट टीम पर नजर डालेंगे तो उनके पास तेज गेंदबाजों का अच्छा सेट है और वाइट बॉल क्रिकेट में वो इसमें बदलाव करते रहते हैं और एक्सपेरिमेंट करते रहते हैं, जो कि अच्छी बात है।' उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के गेंदबाजी कोच के जौर पर मैं भी ऐसा करना चाहता था।


'मेरी भी यही पॉलिसी रही है'

उन्होंने कहा, 'मेरी पॉलिसी है कि वनडे इंटरनेशनल और टी20 इंटरनेशनल में आप तेज गेंदबाजों के साथ एक्सपेरिमेंट करते रहें, जो गेंदबाज उस समय फॉर्म में हो उसे खेलने का मौका मिला। इसका यह मतलब नहीं कि मैं उन गेंदबाजों को नजरअंदाज करूं, जिन्होंने लगातार डोमेस्टिक लेवल पर अच्छा प्रदर्शन किया हो। मोहम्मद अब्बास, इमरान खान इसके उदाहरण हैं।' 48 वर्षीय वकार का मानना है कि क्रिकेट अब काफी बदल गया है, जब वो खेलते थे तो तेज गेंदबाजों में ज्यादा अग्रेशन होता था। उन्होंने कहा, 'आज के समय में क्रिकेट अलग हो गया है, अब मुझे लगता है कि तेज गेंदबाज डिफेंसिव मानसिकता वाले हो गए हैं, जिससे वो बदले हुए नियमों के बीच अच्छी गेंदबाजी कर सकें। पिच भी पहले से ज्यादा आसान हो गई हैं।'

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