Select location to see news around that location.Select Location

देशभर में रायगढ़ को 54वीं रैंक: स्वच्छता सर्वे में नंबर नहीं स्टार मिलेंगे

देशभर में रायगढ़ को 54वीं रैंक: स्वच्छता सर्वे में नंबर नहीं स्टार मिलेंगे

देशभर में रायगढ़ को 54वीं रैंक : स्वच्छता सर्वे में नंबर नहीं, स्टार मिलेंगे, घरों से कचरे का उठाव सुधारना होगा

अब दो महीने तक चलेगा सर्वे : प्रदेश व केंद्र से मिलेगी अलग अलग रेटिंग, चुनौतियों से पड़ेगा निपटना

रायगढ़। स्वच्छता सर्वेक्षण का पैटर्न केंद्र सरकार ने बदल दिया है। अगले साल जनवरी में संभावित सर्वे में 4000 नंबर की परीक्षा नहीं होगी, बल्कि 1 से 7 स्टार दिए जाएंगे। इस वर्ष के सर्वे में देशभर में रायगढ़ को 54वीं रैंक मिली थी।

- नगर निगम को शहर में स्वच्छता साबित के लिए मशक्कत करनी पड़ेगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने कचरा मुक्त शहरों के लिए स्टार रेटिंग निर्धारित कर दी है। नगर निगम को 1, 2 व 4 स्टार प्रदेश स्तर तथा 3, 6 व 7 स्टार केन्द्र से दिए जाएंगे। तीन स्टार ओडीएफ वाले शहर दिए जाएंगे।

कार्यों को करना होगा पूरा :वार्डों अधूरा शौचालय निर्माण तीन एसएलआरएम सेंटर का निर्माण अधूरा वर्मी कम्पोस्ट की शुरुआत नहीं रामपुर में रेमिडिएशन और बायोमेथेलाइजेशन केलों में साफ पानी छोड़ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट

निकायों को दिसंबर तक का दिया समय

-रेटिंग के मानक. स्टार रेटिंग के लिए पहली प्राथमिकता कचरा मुक्त सिस्टम होगा यानि गीला-सूखा कचरा अलग करना, 100% डोर-टू-डोर संग्रहण के साथ ही कचरे का निस्तारण करना अहम होगा। कॉमर्शियल एरिया में दो बार और रहवासी इलाके में एक बार सफाई शामिल है। कहीं भी कचरा पड़ा न रहना भी स्टार रेटिंग की पहली शर्त है।

- सर्वे के लिए जिन शहरों को शामिल किया गया है वहां निगम या निकायों को दिसंबर तक का समय दिया जाएगा। इसी अवधि में उन्हें स्वच्छता के तय मानकों के अनुसार साफ सफाई करानी होगी। इस वर्ष स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम के आने से लेकर उनके कामकाज की पूरी जानकारी निगम प्रशासन को दे दी गई थी, लेकिन गुणवत्ता का स्तर बेहतर करने के लिए गोपनीय जांच की योजना है।

इन पर करनी होगी कार्रवाई

- कचरा फैलाने वाले होटल व्यवसायियों पर कार्रवाई नहीं

- गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना नहीं

- संजय कॉम्पलेक्स में सब्जी व्यवसायियों को छूट

- सार्वजनिक शौचालय के ठेकेदारों पर कार्रवाई नहीं

करनी होगी मेहनत

- सर्वे के पहले निगम 2-3 महीने में शहर को साफ-सुधरा बनाने की तैयारी कर लेते थे, लेकिन अब उन्हें पूरे साल मेहनत करनी होगी। नए मापदंड में निजी कार्यालयों के साथ जलस्स्रोतों को भी शामिल किया गया है। तालाब, बावड़ी और कुओं का भी सर्वे किया जाएगा। यदि इनमें भी गंदगी मिली तो शहर को 7 रेटिंग नहीं मिलेगी।

निगम के लिए ये चुनौतियां

- वार्डों में शत प्रतिशत कचरा कलेक्शन कराना शौचालयों की सफाई और मॉनिटरिंग वार्डों के चौक चौराहों में कचरों के ढेर से निजात दिलाना प्रतिबंधित अमानक प्लास्टिक की रोकथाम


Khushboo

Khushboo

undefined Contributors help bring you the latest news around you.


Share it
Top
To Top