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छात्राओं ने स्कूल ही जाना बंध कर दिया, छेड़खानी के कारण

छात्राओं ने स्कूल ही जाना बंध कर दिया, छेड़खानी के कारण

नई दिल्ली-उत्तर प्रदेश में लड़कियों के छेड़-छाड़ का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर का है जहां से एक शर्मनाक घटना सामने आई है। यहां तिलोरा इलाके के एक स्कूल को सिर्फ इसलिए बंद करना पड़ा क्योंकि बदमाशों ने छात्राओं का स्कूल आना-जाना तक दूभर कर दिया। स्कूल प्रशासन ने तंग आकर शनिवार को स्कूल ही बंद कर दिया, इस स्कूल में पिछले कई दिनों से सात बदमाशों ने आतंक मचा रखा है। स्कूल बंद कर प्रधानाचार्य ने खोली प्रशासन की आंख छात्राओं के साथ जब छेड़खानी का मामला बहुत बढ़ गया और प्रधानाचार्य के समझाने पर बदमाशों के झुंड ने स्कूल के लिपिक और शिक्षकों के साथ मारपीट की तब प्रधानाचार्य ने स्कूल में विद्यालय बंद करने का नोटिस चस्पा दिया। स्कूल बंद किए जाने का नोटिस चस्पा करने का मामला जब अधिकारियों तक पहुंचा तो उन्होंने उसे गंभीरता से लिया और फिर पुलिस हरकत में आई और उसने कार्रवाई तेज कर दी। नामजद दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पुलिस अब पूछताछ कर रही है। इस कार्रवाई के बाद प्रबंधक शिव नारायण दुबे ने विद्यालय को खोलने का निर्णय लिया है। विद्यालय के आसपास पुलिस को मुस्तैद किया जाएगा। उधर, पुलिस की जांच में सामने आया है कि छेड़खानी की बात गलत है, मामला मारपीट का है। सहजनवां के तिलौरा स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य कैलाश चौबे ने थाने में शिकायत की थी और स्कूल बंद करने का फैसला लिया था। शनिवार को बोर्ड पर नोटिस चस्पा होने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अफसर भी बेचैन हो गए। एसएसपी ने एसपी नार्थ रोहित सिंह को पूरे प्रकरण की जांच सौंपते हुए मौके पर भेजा था। एसपी नार्थ के पहुंचने के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया। एसएसपी शलभ माथुर ने बताया कि नामजद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो मामला मारपीट का सामने आया है। छेड़खानी का जिक्र तहरीर में भी नहीं किया गया है। आरोपी बनाए गए नीरज की तहरीर पर भी केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच चल रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रधानाचार्य कैलाश चौबे ने सात सितंबर को सहजनवां थाने में शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। बृहस्पतिवार को 11वीं की एक छात्रा के साथ छेड़खानी का भी मामला सामने आया। छात्रा ने स्कूल पहुंच कर प्रधानाचार्य से शिकायत की। प्रधानाचार्य और शिक्षकों ने स्कूल में ही पढ़ने वाले आरोपी छात्रों को बुलाकर समझाने की कोशिश की तो वे मारपीट पर उतारू हो गए थ छुट्टी के बाद घर जा रहे स्कूल के शिक्षक बृजेंद्र कुमार मिश्र और रामअशीष चौरसिया को घघसरा बाजार में धमकी भी दी गई। शुक्रवार को स्कूल में तैनात मानदेय लिपिक अमित कुमार दुबे किसी काम से बनौली से लौट रहे थे। मनबढ़ों ने रास्ते में उन्हें घेरकर पीट दिया था। पुलिस ने इस मामले में नीरज और वीरेंद्र नामक दो युवकों के खिलाफ मारपीट और धमकी देने का केस दर्ज किया था। तहरीर में नहीं है छेड़खानी की शिकायत एसएसपी ने बताया कि तहरीर में छेड़खानी का जिक्र नहीं किया गया है। तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है। हालांकि स्कूल प्रबंधन का कहना है कि वह किसी छात्रा का नाम सामने लाकर उसे बदनाम नहीं करना चाहते हैं, इस लिए छेड़खानी का जिक्र नहीं किया गया था। पुलिस की जांच में कुछ और तथ्य सामने आया है। आरोपी नीरज और वीरेंद्र ने पुलिस को जानकारी दी कि सात सितंबर को खड़आपार पुलिया के पास स्कूल के कुछ छात्र आपस में झगड़ा कर रहे थे। वे भी रुक गए। उसी बीच स्कूल के शिक्षक अनिल दुबे अपने बेटे अंशू के साथ पहुंच गए। अंशू विद्यालय में मानदेय पर लिपिक हैं। उन्होंने भी मामला पूछा और फिर गुस्साए पिता-पुत्र (अनिल और अंशू) ने नीरज को पीट दिया। 21 सितंबर को शाहपुर में अमित ने वीरेंद्र को पीट दिया। उसके अलावा अजीत उर्फ रिंकू, अनिल कुमार दुबे, मानदेय शिक्षक विजेंद्र और रामअशीष चौरसिया आदि ने मिलकर नीरज और वीरेंद्र को पीटा। इससे नीरज का हाथ टूट गया और पैर में भी गंभीर चोट आई है।


Madhu Dheer

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