Select location to see news around that location.Select Location

बेटी ने 9 माह पहले किले से कूद कर दी थी जान, दुखी मां ने भी लगाई फांसी; लिखा- गम सहन नहीं कर पा रही हूं

बेटी ने 9 माह पहले किले से कूद कर दी थी जान, दुखी मां ने भी लगाई फांसी; लिखा- गम सहन नहीं कर पा रही हूं

बेटी ने 9 माह पहले किले से कूद कर दी थी जान, दुखी मां ने लगाई फांसी; लिखा- गम सहन नहीं कर पा रही हूं

महिला का बेटा कोचिंग के लिए निकला था, शाम लगभग 5.30 बजे जब वह कोचिंग से लौटा तो घर के कमरे में मां फांसी पर लटकी मिली।

ग्वालियर.थाटीपुर क्षेत्र की दर्पण कालोनी में शाम एक महिला ने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। महिला की बेटी ने नौ महीने पहले किले से कूदकर जान दे दी थी, वह नीट की तैयारी कर रही थी। सुसाइड नोट में उसने मां द्वारा बे-वजह संदेह करने के कारण आत्महत्या करने की बात कही थी। इस घटना के बाद से मां डिप्रेशन में थी और बेटी को खो देने के गम में उसने भी आत्महत्या कर ली। थाना प्रभारी रविंद्र गुर्जर ने बताया कि दर्पण कालोनी निवासी कैलाश श्रोती की पत्नी सुमन श्रोती (42) ने अपने घर में फांसी लगाई। दोपहर 3 बजे के बाद जब बेटा शिवम कोचिंग के लिए निकला था, शाम लगभग 5.30 बजे जब वह कोचिंग से लौटा तो घर के कमरे में मां फांसी पर लटकी मिली। शिवम ने मां को फंदे से नीचे उतारा और पड़ोसियों के साथ बसंत बिहार स्थित अस्पताल ले गए। इसी दौरान शिवम ने घटना की सूचना गांव पिता कैलाश को दी, जो उस वक्त पंजाब नेशनल बैंक में ड्यूटी पर थे। अस्पताल में चिकित्सकों ने सुमन को मृत घोषित कर दिया।

सुसाइड नोट: बेटी के गम को सहन नहीं कर पा रही हूं, किसी को परेशान न किया जाए

सुमन ने फांसी लगाने से पहले अपने पांच लाइन के सुसाइड नोट में बेटी डॉली के गम को सहन न कर पाने की बात लिखी है। सुमन ने लिखा है डॉली ने ऐसा क्यों किया, मैं उसके गम और अकेलेपन को सहन नहीं कर पा रही हूं। घर में किसी को परेशान न किया जाए किसी का कोई दोष नहीं है। सुसाइड नोट जब्त करने वाले पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इसे जांच के लिए हेडराइटिंग एक्सपर्ट को भेजा जाएगा। हालांकि प्रारंभिक तौर पर मामला आत्महत्या का ही प्रतीत हो रहा है। परिजन की ओर से भी यही बताया गया है कि सुमन अपनी बेटी को खाे देने के गम में अवसाद में चल रही थीं। गौरतलब है कि सुमन की बेटी डॉली ने नौ माह पूर्व जब किले से कूदकर आत्महत्या की थी, तब उसने इसके लिए मां द्वारा बेवजह शक किए जाने की बात सुसाइड नोट में कही थी। इससे भी सुमन को धक्का लगा था और वह लगातार परिजन से पूछती थी कि न जाने डॉली ने ऐसा कैसे कर लिया?

घटना के समय घर में अकेली थी सुमन

खुदकुशी के समय सुमन घर में अकेली थीं। बेटा शिवम कोचिंग गया था और परीक्षा की तैयारी करने आई बड़ी बेटी सपना कुछ देर पहले ही कोचिंग का पता करने गई थी। शाम लगभग 5.30 बजे पहले शिवम व कुछ देर बाद सपना घर पहुंची, तब सुमन फांसी पर लटकी हुई थीं।

डिप्रेशन के कारण अकेला नहीं छोड़ते थे परिजन

सुमन के पति कैलाश की तोर गांव में खेती है और वह यहां पंजाब नेशनल बैंक में भी नौकरी करते हैं। इनकी बड़ी बेटी सपना की शादी हो चुकी है और बेटा शिवम ग्रेजुएशन के बाद प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। डॉली की मौत के बाद सुमन डिप्रेशन में रहने लगी थीं, इस कारण परिजन उन्हें अकेला नहीं छोड़ते थे।


Khushboo

Khushboo

undefined Contributors help bring you the latest news around you.


Share it
Top
To Top