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लव मैरिज का खौफनाक अंत, पत्नी को उतारा था मौत के घाट

लव मैरिज का खौफनाक अंत, पत्नी को उतारा था मौत के घाट

देहरादून- डिफेंस कॉलोनी में मायके में हुई पत्नी की हत्या के मामले में दोषी पाए गए सागर उर्फ बबलू को आजीवन कारावास और 10 हजार रुपए के अर्थ दंड की सजा सुनाई है। अपर जिला जज प्रथम आरके खुल्बे की अदालत ने बुधवार को पति को दोषी करार दे दिया था। अदालत ने उसे हत्या और आर्म्स एक्ट में दोषी पाया है। गुरुवार को दोषी सागर की सजा का एलान कर दिया गया। इस संबंध में अदालत द्वारा आदेश भी जारी कर दिया गया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जया ठाकुर ने अदालत को बताया कि डिफेंस कॉलोनी निवासी दिव्या पुत्री जोजफ ने 16 वर्ष की उम्र में सागर उर्फ बबलू निवासी चंद्रबनी से प्रेम विवाह कर लिया। दिव्या और सागर के घर वाले इस शादी के खिलाफ थे, लिहाजा दोनों घर छोड़कर चले गए। शादी के कुछ साल बाद दिव्या और सागर में अनबन होने लगी। बात इतनी बढ़ी कि दिव्या पति को छोड़ डिफेंस कॉलोनी में अपने मायके में आकर रहने लगी। चाकू के वार से फट गया था दिव्या का लीवर इस बीच दिव्या ने पारिवारिक न्यायालय में सागर से तलाक की अर्जी डाल दी। सागर को जब यह बात पता लगी तो वह बौखला गया। 25 नवंबर 2014 की रात साढ़े नौ बजे सागर अचानक दिव्या के मायके पहुंच गया। यहां सागर की दिव्या के पिता जोजफ से बहस हो गई। जोजफ ने गुस्से में आकर सागर को एक तमाचा जड़ दिया। इसके बाद सागर ने खुखरी निकाली और जोजफ पर हमला करने को लपका, लेकिन तभी दिव्या बीच में आ गई। सागर ने दिव्या पर खुखरी से कई वार किए और फरार हो गया। परिजन दिव्या को लेकर सीएमआई अस्पताल ले गए, लेकिन यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पीएम में पता चला कि चाकू के वार से दिव्या का लीवर फट गया था, जिससे अत्यधिक खून बहने से उसकी मौत हो गई। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से दस गवाह पेश किए गए, जब कि बचाव पक्ष ने तलाक के दस्तावेज प्रस्तुत किया। साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने सागर को हत्या के लिए धारा 302 व 25 आर्म्स एक्ट में दोषी करार दिया है।


Madhu Dheer

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