लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
जिनेवा: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अपनी ग्लोबल स्टेटस रिपोर्ट ऑन कैंसर 2026 में कहा है कि कैंसर का प्रभाव जीवन में किसी न किसी रूप में लगभग हर व्यक्ति तक पहुंचेगा। रिपोर्ट के अनुसार, हर पांच में से एक व्यक्ति को अपने जीवनकाल में कैंसर होने की आशंका है, जबकि लगभग 92 प्रतिशत लोग स्वयं या अपने परिवार, मित्र अथवा करीबी के माध्यम से इस बीमारी के प्रभाव का अनुभव करेंगे।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कैंसर केवल एक स्वास्थ्य चुनौती नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक चुनौती भी बन चुका है। इलाज और जीवित रहने की संभावना कई बार इस बात पर निर्भर करती है कि मरीज किस देश या क्षेत्र में रहता है और उसे स्वास्थ्य सेवाएं कितनी आसानी से उपलब्ध हैं। कम और मध्यम आय वाले देशों में कैंसर की जांच, दवाओं और रेडियोथेरेपी जैसी सुविधाओं की कमी अब भी बड़ी समस्या बनी हुई है।
WHO के अनुसार, दुनिया भर में कैंसर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। यदि प्रभावी रोकथाम और उपचार की व्यवस्था नहीं की गई तो वर्ष 2050 तक वैश्विक कैंसर मामलों की संख्या करीब 3.5 करोड़ तक पहुंच सकती है। रिपोर्ट में सरकारों से कैंसर की रोकथाम, शुरुआती जांच, समय पर उपचार और सभी के लिए सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश बढ़ाने की अपील की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि तंबाकू और शराब का सेवन कम करना, संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, स्वस्थ वजन बनाए रखना और समय-समय पर कैंसर की स्क्रीनिंग कराना कई प्रकार के कैंसर के जोखिम को कम कर सकता है। WHO ने यह भी रेखांकित किया कि कैंसर के खिलाफ लड़ाई में जागरूकता और समय पर पहचान सबसे प्रभावी हथियार हैं।