लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
महेंद्रगिरि (तमिलनाडु): भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 175 टन क्षमता वाले सेमी-क्रायोजेनिक इंजन के पावर हेड टेस्ट आर्टिकल (PHTA) का सफल हॉट टेस्ट पूरा कर लिया है। यह परीक्षण तमिलनाडु के महेंद्रगिरि स्थित ISRO प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स (IPRC) में किया गया।
यह PHTA पर किया गया आठवां हॉट टेस्ट था। इस परीक्षण का उद्देश्य प्री-बर्नर इग्निशन के बाद इंजन के प्रदर्शन का मूल्यांकन करना और 175 टन थ्रस्ट पर उसकी स्थिर कार्यक्षमता को परखना था। परीक्षण के दौरान इंजन के सभी पैरामीटर निर्धारित मानकों के अनुरूप रहे।
ISRO के अनुसार, इंजन को पहली बार 175 टन यानी उसकी कुल 200 टन क्षमता के 88 प्रतिशत थ्रस्ट पर सफलतापूर्वक संचालित किया गया। इससे पहले 94 टन और 120 टन थ्रस्ट स्तर पर भी सफल परीक्षण किए जा चुके हैं।
यह सेमी-क्रायोजेनिक इंजन भविष्य में LVM3 रॉकेट के मौजूदा लिक्विड कोर स्टेज की जगह लेगा, जिससे उसकी पेलोड क्षमता और प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार होगा। यह इंजन लिक्विड ऑक्सीजन (LOX) और शुद्ध केरोसीन (इसरोसीन) जैसे अपेक्षाकृत स्वच्छ ईंधन का उपयोग करता है। इसके सफल विकास से भारत के भारी उपग्रह प्रक्षेपण, गहरे अंतरिक्ष मिशनों और गगनयान जैसे मानव अंतरिक्ष कार्यक्रमों को नई मजबूती मिलेगी।