लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की प्रसिद्ध समाजसेवी डॉ. बुदरी ताती को आदिवासी समाज के उत्थान और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्मश्री सम्मान प्रदान किया गया है। उन्होंने पिछले चार दशकों से अधिक समय तक बस्तर क्षेत्र के आदिवासी समुदायों के बीच रहकर शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के लिए कार्य किया है।
डॉ. ताती को स्थानीय लोग "बड़ी दीदी" के नाम से भी जानते हैं। उन्होंने विशेष रूप से आदिवासी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भारत सरकार द्वारा घोषित पद्म पुरस्कार 2026 की सूची में डॉ. बुदरी ताती को सामाजिक कार्य (Social Work) श्रेणी में पद्मश्री सम्मान के लिए चुना गया। यह सम्मान समाज के वंचित और दूरस्थ क्षेत्रों में उनके लंबे समय से किए जा रहे सेवा कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता है।
डॉ. ताती का कार्य नक्सल प्रभावित और दुर्गम आदिवासी इलाकों तक फैला हुआ है, जहां उन्होंने शिक्षा, पोषण, महिला अधिकार और सामुदायिक विकास के लिए कई पहलें शुरू कीं। उनके प्रयासों से हजारों आदिवासी परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
इस सम्मान के बाद छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में उनके कार्यों की सराहना हो रही है। सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने इसे आदिवासी समाज के लिए गौरव का क्षण बताया है।