लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
नई दिल्ली: तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा के जीवन, संघर्ष और वैश्विक योगदान पर आधारित एक नई जीवनी जल्द प्रकाशित होने जा रही है। इस पुस्तक में उनके बचपन से लेकर आध्यात्मिक नेतृत्व, तिब्बत से निर्वासन, भारत में प्रवास और विश्व शांति, करुणा तथा अहिंसा के संदेश को दुनिया भर में फैलाने तक के महत्वपूर्ण पड़ावों को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।
यह जीवनी वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक अरविंद यादव द्वारा लिखी गई है। पुस्तक में दलाई लामा के व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ तिब्बत के इतिहास, चीन-तिब्बत संबंधों और निर्वासन में रह रहे तिब्बती समुदाय के संघर्ष को भी समाहित किया गया है। प्रकाशक के अनुसार, यह पुस्तक पाठकों को दलाई लामा के व्यक्तित्व और उनके विचारों को गहराई से समझने का अवसर देगी।
दलाई लामा ने पुस्तक के लिए जारी संदेश में आशा व्यक्त की है कि यह जीवनी अधिक से अधिक लोगों तक तिब्बती इतिहास और मानवता, प्रेम, करुणा, सहिष्णुता तथा शांति के उनके संदेश को पहुंचाने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि यदि इस पुस्तक से लोगों को अधिक संवेदनशील और शांतिपूर्ण समाज बनाने की प्रेरणा मिलती है, तो यह सार्थक प्रयास होगा।
दलाई लामा का जन्म 6 जुलाई 1935 को तिब्बत के आमदो क्षेत्र में हुआ था। वर्ष 1989 में उन्हें शांति और अहिंसा के प्रति उनके योगदान के लिए नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। आज भी वे विश्व स्तर पर शांति, करुणा और धार्मिक सद्भाव के प्रमुख प्रतीकों में गिने जाते हैं।