लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देशभर में दवाओं से जुड़ी जानकारी को एकरूप और प्रमाणित बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ड्रग रजिस्ट्री लॉन्च की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने इस पहल की शुरुआत करते हुए इसे 'वन मेडिसिन, वन आइडेंटिटी' की दिशा में बड़ा कदम बताया। यह रजिस्ट्री आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत विकसित की गई है और देश में दवाओं के लिए एक साझा एवं विश्वसनीय डिजिटल डेटाबेस का काम करेगी।
इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए डॉक्टर, अस्पताल, फार्मेसी और डिजिटल हेल्थ एप्लिकेशन एक ही सत्यापित दवा संबंधी जानकारी का उपयोग कर सकेंगे। उपयोगकर्ता दवाओं को उनके जेनेरिक नाम, ब्रांड, सक्रिय तत्व या निर्माता के आधार पर खोज सकेंगे। फिलहाल रजिस्ट्री में 1.23 लाख से अधिक ब्रांडेड दवाएं, 10 हजार से अधिक जेनेरिक दवाएं और करीब 29 हजार दवा पदार्थों का विवरण उपलब्ध है।
सरकार का कहना है कि इस पहल से दवाओं के अलग-अलग नामों के कारण होने वाली भ्रम की स्थिति कम होगी, चिकित्सा संबंधी त्रुटियों में कमी आएगी और ई-प्रिस्क्रिप्शन, अस्पताल प्रबंधन तथा डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा। यह प्रणाली भारत के डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।