लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
भारतीय राजनयिक और कवि अभय के की नई काव्य पुस्तक 'द अल्फाबेट्स ऑफ अफ्रीका' चर्चा में है। इस संग्रह में कविताओं के माध्यम से अफ्रीकी महाद्वीप के इतिहास, संस्कृति, सभ्यताओं, प्रकृति, व्यक्तित्वों और सामाजिक जीवन को रचनात्मक अंदाज में प्रस्तुत किया गया है।
पुस्तक में कुल 180 कविताएं शामिल हैं, जिन्हें अंग्रेजी वर्णमाला के A से Z तक क्रमबद्ध किया गया है। इन कविताओं में अफ्रीका के विभिन्न देशों, ऐतिहासिक घटनाओं, साहित्य, वन्यजीवन, भोजन, महान नेताओं और सांस्कृतिक विरासत को समाहित किया गया है।
अभय के ने बताया कि यह पुस्तक उनके अफ्रीका प्रवास, यात्राओं और वहां के समाज को करीब से समझने के अनुभवों का परिणाम है। उनका उद्देश्य अफ्रीका से जुड़े प्रचलित पूर्वाग्रहों को तोड़ते हुए पाठकों को महाद्वीप की वास्तविक विविधता और समृद्ध विरासत से परिचित कराना है।
इससे पहले अभय के 'द अल्फाबेट्स ऑफ लैटिन अमेरिका', 'नालंदा: हाउ इट चेंज्ड द वर्ल्ड' और कई अन्य चर्चित पुस्तकों के लेखक रह चुके हैं। वर्तमान में वे भारतीय विदेश सेवा के वरिष्ठ अधिकारी हैं और साहित्य व कूटनीति दोनों क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
साहित्य जगत में इस काव्य संग्रह को अफ्रीका की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को कविता के माध्यम से समझने का एक अनूठा प्रयास माना जा रहा है।