लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
CBSE Class 12 Result 2026 घोषित होने के बाद सोशल मीडिया पर छात्रों और अभिभावकों के बीच ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर बहस तेज हो गई है। कई छात्रों ने दावा किया कि उन्हें उम्मीद से काफी कम अंक मिले हैं, जिसके बाद ऑनलाइन मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे।
इन आरोपों के बीच CBSE ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम का उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी, निष्पक्ष और एकरूप बनाना है। बोर्ड के मुताबिक, डिजिटल मूल्यांकन के दौरान भी स्टेप-वाइज मार्किंग जारी रहती है और परीक्षकों को तय मानकों के अनुसार ही अंक देने होते हैं।
CBSE ने यह भी स्पष्ट किया कि OSM सिस्टम लागू करने का मकसद कॉपी जांच में मानवीय त्रुटियों को कम करना और पूरे देश में एक समान मूल्यांकन सुनिश्चित करना था। इस प्रक्रिया में उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करके ऑनलाइन जांचा जाता है।
हालांकि कई छात्रों और शिक्षकों ने आरोप लगाया है कि स्क्रीन पर कॉपी जांचने के दौरान कुछ उत्तर, डायग्राम या स्टेप्स नजरअंदाज हो सकते हैं। कुछ छात्रों ने सोशल मीडिया पर यह भी दावा किया कि अच्छे प्रदर्शन के बावजूद उन्हें कम अंक मिले।
बोर्ड ने छात्रों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि यदि किसी छात्र को अपने अंकों को लेकर संदेह है तो वह उत्तर पुस्तिका की कॉपी प्राप्त करने, सत्यापन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकता है। CBSE ने नई गाइडलाइंस के तहत पोस्ट-रिजल्ट शिकायत प्रक्रिया को भी विस्तार से समझाया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल कठिन प्रश्नपत्र और सख्त मूल्यांकन भी कम रिजल्ट प्रतिशत की वजह हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बार CBSE 12वीं का पास प्रतिशत पिछले साल की तुलना में कम रहा है।
फिलहाल बोर्ड ने साफ किया है कि मूल्यांकन प्रक्रिया “फेयर, जस्ट और ट्रांसपेरेंट” है और छात्रों की शिकायतों के समाधान के लिए आधिकारिक प्रक्रिया उपलब्ध है।