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कोलकाता में एसआईआर ‘तार्किक विसंगति’ मामलों की न्यायिक जांच प्रक्रिया शुरू

एसआईआर के तहत ‘तार्किक विसंगति’ मामलों की न्यायिक जांच शुरू हो गई है। करीब 50 लाख दस्तावेजों की समीक्षा की जाएगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को जारी होगी।

By : Local News of India
कोलकाता में एसआईआर ‘तार्किक विसंगति’ मामलों की न्यायिक जांच प्रक्रिया शुरू

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अंजली  गुप्ता 
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया 

कोलकाता, 23 फरवरी। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान ‘तार्किक विसंगति’ श्रेणी में चिह्नित मतदाताओं के दस्तावेजों की न्यायिक जांच प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई है। यह कदम शीर्ष न्यायालय के हालिया निर्देश के अनुपालन में उठाया गया है। न्यायिक अधिकारियों का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होगा।

निर्वाचन आयोग के अनुसार, प्रारंभिक चरण में करीब 150 सत्र न्यायाधीशों को इस कार्य में लगाया गया है, जबकि कुल लगभग 250 न्यायिक अधिकारियों को दस्तावेजों के परीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जिला स्तर पर इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए तीन सदस्यीय समितियां गठित की गई हैं। इनमें संबंधित जिला न्यायाधीश, जिला दंडाधिकारी (जिला निर्वाचन अधिकारी) और जिला पुलिस अधीक्षक शामिल रहेंगे।

नियुक्त अधिकारियों में से लगभग 100 न्यायिक अधिकारी विशेष अदालतों में कार्यरत हैं, जो एनडीपीएस अधिनियम और बाल संरक्षण कानूनों के अंतर्गत मामलों की सुनवाई करते हैं। शेष अधिकारी सत्र न्यायालयों से जुड़े हैं।

रविवार को कोलकाता में न्यायिक अधिकारियों और Election Commission of India के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई, जिसमें विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों को स्पष्ट किया गया कि केवल आयोग द्वारा निर्धारित 13 प्रकार के पहचान पत्रों को ही मान्यता दी जाएगी।

इस मुद्दे पर राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी All India Trinamool Congress ने आपत्ति जताई है। पार्टी का कहना है कि राज्य सरकार की एजेंसियों द्वारा जारी अन्य पहचान पत्रों को भी स्वीकार किया जाना चाहिए।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राज्य की अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी। जिन मामलों को न्यायिक जांच के लिए भेजा गया है, उन्हें फिलहाल सूची से बाहर रखा जाएगा। जांच पूरी होने के बाद अनुपूरक सूची जारी की जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक, करीब 50 लाख दस्तावेज न्यायिक परीक्षण के लिए भेजे गए हैं, जिससे तय समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।

इस बीच, Calcutta High Court ने अधिसूचना जारी कर नौ मार्च तक राज्य के सभी न्यायिक अधिकारियों की छुट्टियां निरस्त कर दी हैं। आपात चिकित्सा अवकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों को तत्काल ड्यूटी पर लौटने का निर्देश दिया गया है।

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