खरीफ फसलों की बुवाई का समय शुरू हो चुका है, लेकिन कई इलाकों में किसानों को खाद की कमी का सामना करना पड़ रहा है। उर्वरकों की उपलब्धता नहीं होने से किसान परेशान हैं और खेती की तैयारियों पर इसका असर दिखाई देने लगा है।
किसानों का कहना है कि वे पिछले दो महीनों से खाद की तलाश कर रहे हैं, लेकिन सरकारी केंद्रों और निजी दुकानों पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध नहीं है। कई जगहों पर लंबी कतारें लग रही हैं, जबकि कुछ किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
किसानों के अनुसार, समय पर खाद नहीं मिलने से बुवाई प्रभावित हो सकती है, जिससे उत्पादन पर भी असर पड़ने की आशंका है। खेती पहले ही मौसम की अनिश्चितता और बढ़ती लागत जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है, ऐसे में खाद संकट ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि बुवाई के समय उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। यदि समय पर खाद नहीं पहुंची तो फसलों की वृद्धि और उत्पादकता दोनों प्रभावित हो सकती हैं।
वहीं, संबंधित विभाग का कहना है कि उर्वरकों की आपूर्ति बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। हालांकि, किसानों का कहना है कि जब तक जमीनी स्तर पर पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं होगी, तब तक उनकी चिंता कम नहीं होगी।