लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
तमिलनाडु सरकार ने मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिसमें गोवंश वध पर रोक लगाने की बात कही गई थी। राज्य सरकार का कहना है कि इस फैसले पर पुनर्विचार आवश्यक है क्योंकि इसका व्यापक प्रभाव कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
मद्रास हाईकोर्ट का आदेश वर्ष 1976 के उस प्रावधान पर आधारित था, जिसमें दूध उत्पादन बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से गोवंश वध पर प्रतिबंध का समर्थन किया गया था। अदालत ने अपने आदेश में इसी नीति को आधार मानते हुए कड़े निर्देश दिए थे।
तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में तर्क दिया है कि मौजूदा परिस्थितियों में इस तरह का प्रतिबंध व्यावहारिक कठिनाइयाँ पैदा कर सकता है और इससे किसानों तथा पशुपालकों पर असर पड़ सकता है। अब इस मामले पर शीर्ष अदालत में सुनवाई होगी।