लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
पुणे। चर्चित पुणे पोर्शे हादसा मामले में एक नया कानूनी मोड़ सामने आया है। पुलिस ने नाबालिग आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल की जमानत रद्द कराने के लिए अदालत में याचिका दायर की है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब कुछ महीने पहले ही उच्चतम न्यायालय ने उन्हें जमानत प्रदान की थी।
पुलिस की ओर से दायर याचिका ऐसे समय सामने आई है जब कुछ सप्ताह पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें विशाल अग्रवाल कथित तौर पर जमानत मिलने के बाद अपने परिवार के साथ जश्न मनाते दिखाई दे रहे थे। वीडियो में अग्रवाल अपनी पत्नी और बेटे के साथ एक रेस्तरां जैसे स्थान पर लाइव संगीत के बीच नृत्य करते नजर आ रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी और मामले को लेकर व्यापक नाराजगी देखने को मिली थी। पुलिस ने अदालत में दायर आवेदन में इस घटनाक्रम का भी उल्लेख किया है और इसे जमानत की शर्तों के उल्लंघन से जोड़ते हुए जमानत रद्द करने की मांग की है।
यह मामला मई 2024 के उस चर्चित सड़क हादसे से जुड़ा है, जिसमें एक तेज रफ्तार पोर्शे कार की टक्कर से दो युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद सबूतों से छेड़छाड़ और रक्त नमूनों में कथित हेरफेर के आरोपों ने मामले को राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में ला दिया था।
गौरतलब है कि नाबालिग आरोपी के पिता को रक्त नमूना हेरफेर मामले में गिरफ्तार किया गया था और बाद में उच्चतम न्यायालय से जमानत मिली थी। अब पुलिस द्वारा दायर नई याचिका पर अदालत का फैसला इस हाई-प्रोफाइल मामले में अहम माना जा रहा है।