लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
अयोध्या। राम मंदिर में श्रद्धालुओं के दान की कथित चोरी के मामले में विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट में अविनाश शुक्ला को मुख्य आरोपी के रूप में चिन्हित किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस कथित हेराफेरी में कुल छह लोगों की संलिप्तता सामने आई है।
प्रारंभिक जांच में दावा किया गया है कि करीब 40 दिनों तक दान राशि में कथित रूप से हेराफेरी की जाती रही। एसआईटी ने जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर अविनाश शुक्ला की भूमिका को सबसे अहम बताया है।
जांच एजेंसियां मामले से जुड़े अन्य आरोपियों से भी पूछताछ कर रही हैं और यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि दान राशि की कथित चोरी किस तरह अंजाम दी गई। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच पूरी होने के बाद की जाएगी।
राम मंदिर प्रशासन और संबंधित अधिकारियों ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।