लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
मेरठ, उत्तर प्रदेश: मेरठ में बीए की छात्रा ललिता गौतम की हत्या के विरोध में हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 30 से अधिक लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट के बाहर सड़क जाम कर यातायात बाधित किया और प्रशासन के बार-बार अनुरोध के बावजूद प्रदर्शन समाप्त नहीं किया।
बुधवार को दलित समाज और विभिन्न संगठनों के लोग छात्रा की हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर कमिश्नरी चौराहे और कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम होने पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए बल प्रयोग किया। घटना के दौरान अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 30 से अधिक अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और यातायात सामान्य करने के लिए यह कार्रवाई की गई। साथ ही अन्य आरोपितों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
इस बीच प्रदर्शन के दौरान एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) पर एक प्रदर्शनकारी के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति के साथ मारपीट की गई। वहीं पुलिस ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
पुलिस का कहना है कि छात्रा की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। हालांकि पीड़ित परिवार और प्रदर्शनकारी मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और जांच पूरी होने तक अफवाहों से बचने की अपील की है।