लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
हैदराबाद: हैदराबाद की एक विशेष POCSO अदालत ने नाबालिग छात्र के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में एक मदरसा शिक्षक को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर जुर्माना भी लगाया है। यह मामला वर्ष 2022 में दर्ज किया गया था, जिसकी जांच और सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित 11 वर्षीय बालक नियमित रूप से एक मदरसे में पढ़ने जाता था। शिकायत के मुताबिक, आरोपी शिक्षक ने बच्चे को बहाने से अपने घर ले जाकर उसका यौन उत्पीड़न किया और किसी को बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। घटना के बाद बच्चा मानसिक रूप से परेशान रहने लगा, जिसके बाद परिजनों ने उससे पूछताछ की और पूरी घटना सामने आई। इसके बाद पुलिस में मामला दर्ज कराया गया।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने साक्ष्य जुटाए, गवाहों के बयान दर्ज किए और आरोप पत्र अदालत में पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मेडिकल रिपोर्ट, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ अपना पक्ष रखा। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए आरोपी को दोषी करार दिया।
विशेष POCSO अदालत ने अपने फैसले में कहा कि बच्चों के खिलाफ यौन अपराध अत्यंत गंभीर हैं और ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है, ताकि समाज में स्पष्ट संदेश जाए और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। अदालत ने आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाने के साथ उस पर जुर्माना भी लगाया।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों में त्वरित जांच और प्रभावी अभियोजन उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि यदि बच्चों के व्यवहार में अचानक बदलाव दिखाई दे तो उससे खुलकर बातचीत करें और किसी भी संदिग्ध घटना की तत्काल सूचना पुलिस को दें।