लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
रांची: झारखंड सरकार राज्य के दीर्घकालिक विकास रोडमैप Vision-2050 को अंतिम रूप देने के लिए 8 और 9 जुलाई को नई दिल्ली में दो दिवसीय हितधारक बैठक का आयोजन करने जा रही है। इस बैठक में नीति विशेषज्ञों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, निवेशकों, प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों को आमंत्रित किया गया है। सरकार का उद्देश्य वर्ष 2050 तक झारखंड को आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक रूप से मजबूत राज्य के रूप में विकसित करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार करना है।
बैठक में राज्य की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचा, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, खनन, ऊर्जा, पर्यटन और रोजगार जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। सरकार इन क्षेत्रों में दीर्घकालिक लक्ष्यों और निवेश की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए नीति सुझाव प्राप्त करेगी। इसके साथ ही झारखंड में निवेश आकर्षित करने, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और सतत विकास को बढ़ावा देने पर भी विशेष फोकस रहेगा।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, Vision-2050 दस्तावेज राज्य के भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण नीति ढांचा होगा। इसमें अगले दो दशकों से अधिक अवधि के लिए विकास संबंधी प्राथमिकताओं, संसाधनों के बेहतर उपयोग और आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण पर जोर दिया जाएगा। सरकार चाहती है कि यह विजन केवल सरकारी दस्तावेज न होकर विभिन्न वर्गों की भागीदारी से तैयार किया गया व्यापक विकास खाका बने।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार झारखंड को निवेश और औद्योगिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। दिल्ली में होने वाली यह बैठक देश-विदेश के निवेशकों और विशेषज्ञों के साथ संवाद का भी महत्वपूर्ण मंच मानी जा रही है। सरकार को उम्मीद है कि इससे राज्य में नए निवेश, रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे के विस्तार को गति मिलेगी।
बैठक के दौरान विभिन्न विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें विशेषज्ञ अपने सुझाव और अनुभव साझा करेंगे। इन सुझावों के आधार पर Vision-2050 दस्तावेज को और अधिक व्यावहारिक एवं प्रभावी बनाया जाएगा। सरकार का मानना है कि व्यापक परामर्श प्रक्रिया से तैयार यह विजन झारखंड के समग्र विकास और भविष्य की चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।