लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
नई दिल्ली: दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने वर्ष 2026 में यातायात नियमों के उल्लंघन पर अब तक 48.42 लाख चालान जारी किए हैं। इसके अलावा खतरनाक तरीके से वाहन चलाने के मामलों में 2,100 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस का कहना है कि राजधानी में सड़क सुरक्षा बढ़ाने और ट्रैफिक जाम कम करने के लिए प्रवर्तन और इंजीनियरिंग दोनों स्तरों पर लगातार काम किया जा रहा है।
यातायात सुगम बनाने के उद्देश्य से दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 8 सिग्नल-फ्री कॉरिडोर विकसित किए हैं। इनमें उत्तर दिल्ली के छह और पूर्वी दिल्ली के दो प्रमुख मार्ग शामिल हैं। इन कॉरिडोरों पर अनावश्यक ट्रैफिक सिग्नल हटाए गए, अवैध मीडियन कट बंद किए गए, यू-टर्न की व्यवस्था की गई और प्रमुख चौराहों का पुनर्गठन किया गया है।
पुलिस के अनुसार, एनएसपी-रिठाला मेट्रो स्टेशन कॉरिडोर और लक्ष्मी नगर से कड़कड़डूमा मोड़ तक विकास मार्ग भी इन सिग्नल-फ्री कॉरिडोरों में शामिल हैं। इसके अलावा पीडब्ल्यूडी, एमसीडी, एनएचएआई, डीएमआरसी और डीटीसी जैसी एजेंसियों के साथ मिलकर आईएसबीटी कश्मीरी गेट, मजनू का टीला, आश्रम चौक, अधचिनी गांव, आनंद विहार और कालिंदी कुंज जैसे ट्रैफिक हॉटस्पॉट पर इंजीनियरिंग सुधार किए गए हैं।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए शुरू किए गए प्रोजेक्ट संगम के तहत अब तक 309 बैठकें आयोजित की गईं और 514 सुझाव प्राप्त हुए, जिनमें से 368 सुझावों को लागू किया जा चुका है। सड़क सुरक्षा अभियान के तहत छह महीनों में 2.84 लाख से अधिक स्कूली छात्रों और 15.44 लाख नागरिकों को जागरूक किया गया। साथ ही 11 हजार से अधिक डीटीसी चालक-परिचालकों और 12 हजार से ज्यादा ऑटो, टैक्सी व ई-रिक्शा चालकों को प्रशिक्षण दिया गया।
मानसून को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने जलभराव संभावित 169 स्थानों की जानकारी संबंधित एजेंसियों के साथ साझा की है। आपात स्थिति से निपटने के लिए मोटर पंप और पेड़ काटने की मशीनों से लैस छह डिजास्टर मैनेजमेंट वाहन भी तैनात किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि राजधानी में सुरक्षित और सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।