लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश के शीर्ष छात्र संगठन ऑल अरुणाचल प्रदेश स्टूडेंट्स यूनियन (AAPSU) ने कचारी समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) दर्जा देने से जुड़े मुद्दे पर आयोजित बैठक का विरोध किया है। संगठन का कहना है कि राज्य की आदिवासी पहचान और संवैधानिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ST दर्जे से जुड़े मामलों पर सावधानीपूर्वक विचार किया जाना चाहिए।
AAPSU ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में ST दर्जा राज्य के मूल निवासियों की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान से जुड़ा हुआ है। संगठन ने मांग की है कि ऐसे मामलों में सभी पक्षों की राय और संवैधानिक प्रावधानों को ध्यान में रखकर निर्णय लिया जाए।
छात्र संगठन पहले भी राज्य में ST दर्जे और स्वदेशी समुदायों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाता रहा है। संगठन का तर्क है कि किसी भी नए समुदाय को ST सूची में शामिल करने से पहले राज्य के मूल आदिवासी समुदायों के हितों और अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
वहीं, ST दर्जे से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर राज्य सरकार ने भी हितधारकों के साथ चर्चा की है। सरकार ने आदिवासी अधिकारों, APST प्रमाणपत्रों और अन्य संबंधित विषयों की समीक्षा के लिए समितियां गठित करने की बात कही है।
फिलहाल कचारी समुदाय के ST दर्जे को लेकर विवाद जारी है और इस मामले में आगे की प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।