लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
श्रीनगर: वार्षिक श्री अमरनाथ यात्रा शुक्रवार से विधिवत शुरू हो गई। यात्रा के पहले दिन बालटाल और पहलगाम (नुनवान) बेस कैंप से श्रद्धालुओं का पहला जत्था बाबा बर्फानी के पवित्र गुफा मंदिर के लिए रवाना हुआ। सुबह तड़के से ही श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला और 'बम-बम भोले' तथा 'हर-हर महादेव' के जयघोष के बीच यात्रा का शुभारंभ हुआ।
अधिकारियों के अनुसार श्रद्धालु दो पारंपरिक मार्गों से यात्रा कर रहे हैं। इनमें पहलगाम का लगभग 48 किलोमीटर लंबा पारंपरिक मार्ग और बालटाल का लगभग 14 किलोमीटर का छोटा मार्ग शामिल है। दोनों मार्गों पर सुरक्षा, चिकित्सा, संचार और राहत सेवाओं की व्यापक व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
इससे पहले जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने चार हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। कश्मीर घाटी पहुंचने पर श्रद्धालुओं का प्रशासन और स्थानीय लोगों ने स्वागत किया। यात्रा के दौरान सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय इंतजाम किए गए हैं और पूरे मार्ग पर पुलिस, सेना, अर्धसैनिक बलों तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती की गई है।
प्रशासन ने यात्रा मार्गों पर सीसीटीवी निगरानी, ड्रोन सर्विलांस, चिकित्सा शिविर, आपातकालीन सहायता केंद्र और यातायात प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की है। मौसम की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात परिस्थिति में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों ने यात्रियों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करने की अपील की है।
इस वर्ष 57 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा 28 अगस्त को संपन्न होगी। हर वर्ष देशभर से लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए इस पवित्र यात्रा में शामिल होते हैं। प्रशासन को इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से ही सुनिश्चित की गई हैं।