लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
नई दिल्ली: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल मंचों पर अपने नाम, लोगो और पहचान के अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। संस्थान ने इस संबंध में सख्त दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि बिना पूर्व अनुमति एम्स के नाम या लोगो का उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
एम्स द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, संस्थान के नाम, आधिकारिक लोगो, प्रतीक चिह्न और ब्रांड पहचान का इस्तेमाल केवल अधिकृत उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति, संस्था या सोशल मीडिया अकाउंट द्वारा बिना अनुमति इनका उपयोग नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
संस्थान ने स्पष्ट किया है कि फर्जी या भ्रामक सोशल मीडिया अकाउंट, अनधिकृत प्रचार, विज्ञापन या किसी भी व्यावसायिक गतिविधि में एम्स के नाम और लोगो का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। ऐसे मामलों में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
एम्स ने सभी कर्मचारियों, छात्रों, संबद्ध संस्थानों और आम लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक माध्यमों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें और किसी भी अनधिकृत उपयोग की सूचना प्रशासन को दें।