लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
चंडीगढ़। पंजाब में एंटी-सैक्रिलेज कानून को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद सामने आया है। कई विधायकों ने अकाल तख्त के समक्ष यह स्वीकार किया कि उन्होंने संबंधित विधेयक को पूरी तरह पढ़े बिना ही उसे पारित कर दिया था।
विधायकों का कहना है कि बिल की प्रतियां अंतिम समय में ही उन्हें उपलब्ध कराई गई थीं, जिसके कारण उन्हें इसके सभी प्रावधानों का विस्तृत अध्ययन करने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया। इस स्वीकारोक्ति के बाद राजनीतिक और धार्मिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
अकाल तख्त ने इस मुद्दे पर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की है और सरकार से कानून में संशोधन और प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की बात कही है। वहीं विपक्षी दलों ने सरकार और विधायकों की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
मामले को लेकर पंजाब की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और इस पर आगे और विवाद बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।