अंजली गुप्ता
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया I
नई दिल्ली में दुर्गा अष्टमी के अवसर पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में 10वीं कक्षा में प्रवेश लेने वाली 1100 छात्राओं को साइकिल वितरित की। यह कार्यक्रम पीतमपुरा स्थित सर्वोदय विद्यालय परिसर में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में छात्राएं, अभिभावक और शिक्षक मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान साइकिल पाकर कई छात्राएं भावुक हो गईं और उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताया। छात्राओं ने बताया कि अब उन्हें स्कूल आने-जाने में आसानी होगी और वे समय पर पढ़ाई कर सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बेटियों को ‘देवी स्वरूपा’ बताते हुए कहा कि नवरात्रि केवल पूजा का पर्व नहीं, बल्कि बेटियों के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य का संकल्प लेने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी बेटी केवल दूरी या संसाधनों की कमी के कारण पढ़ाई से वंचित न रहे।
सीएम ने जानकारी दी कि सरकार ने फैसला लिया है कि हर साल 9वीं पास कर 10वीं में जाने वाली छात्राओं को साइकिल दी जाएगी। इस वर्ष लगभग 1.30 लाख छात्राओं को इस योजना का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी शिक्षा में निरंतरता बनी रहेगी।
उन्होंने ‘लखपति बिटिया योजना’ का जिक्र करते हुए बताया कि इस योजना के तहत बेटी के जन्म से लेकर उसकी पढ़ाई पूरी होने तक सरकार आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। पहली, छठी, नौवीं, बारहवीं कक्षा और कॉलेज के दौरान अलग-अलग चरणों में सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी। ग्रेजुएशन तक पहुंचते-पहुंचते हर बेटी को लगभग 1.25 लाख रुपये की सहायता मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि दिल्ली की हर बेटी स्कूल से लेकर कॉलेज तक पढ़े, आत्मनिर्भर बने और अपने पैरों पर खड़ी हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बेटियों की सुरक्षा और शिक्षा दोनों सरकार की प्राथमिकता हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्राओं से सीधे संवाद भी किया। कई छात्राओं ने अपने सपनों के बारे में बताया—किसी ने आईएएस बनने की इच्छा जताई तो किसी ने डॉक्टर या इंजीनियर बनने की। मुख्यमंत्री ने उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और किसी भी परिस्थिति में हार न मानने की सलाह दी।
कुछ छात्राओं ने यह भी कहा कि पहले लंबी दूरी और परिवहन की समस्या के कारण उन्हें स्कूल पहुंचने में दिक्कत होती थी, लेकिन अब साइकिल मिलने से उनकी यह परेशानी दूर हो जाएगी।
मुख्यमंत्री ने आलोचनाओं पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बेटियों के हित में बनाई गई योजनाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि समाज को अपनी सोच बदलनी होगी और बेटियों के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देनी होगी।
अंत में मुख्यमंत्री ने सभी छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपने सपनों को पूरा करें और ऐसा मुकाम हासिल करें, जिस पर उनके परिवार, समाज और देश को गर्व हो।