लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
दीपक बैज ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में छत्तीसगढ़ सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में “जंगलराज” की स्थिति है और आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।
बैज ने सेजबहार में हाल ही में एक परिवार से लूट की घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि अपराध पर सरकार का नियंत्रण खत्म हो चुका है।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन अब तक छात्रों को पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया बाधित है, कई स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं और छात्राओं के लिए शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार को श्लोक पढ़ाने के बजाय शिक्षा व्यवस्था सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।
महतारी वंदन योजना में केवाईसी अनिवार्य किए जाने पर बैज ने कहा कि सरकार के पास पर्याप्त धन नहीं है और केवाईसी के नाम पर महिलाओं को योजना से बाहर करने की कोशिश की जा रही है।
नक्सलमुक्त पंचायतों को एक करोड़ रुपये देने के वादे पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि कितनी पंचायतों को यह राशि दी गई है और कितनों को दी जानी बाकी है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या इस संबंध में केंद्र सरकार से कोई आर्थिक सहायता मांगी गई है।
इसके अलावा, असम, केरल और पुडुचेरी में चल रहे मतदान को लेकर उन्होंने दावा किया कि इन राज्यों में कांग्रेस की सरकार बनेगी और बदलाव का माहौल है। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए और कहा कि वे जवाब देने के बजाय डर का माहौल बना रहे हैं।
बैज ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की जा रही हैं, जो लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि सरकार के कई वादे पूरे नहीं हुए हैं और जनता अब इन मुद्दों पर जवाब चाहती है।