लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएन-यूएमएल) में आंतरिक मतभेद तेज हो गए हैं। प्रतिनिधि सभा की पहली बैठक में संसदीय दल के नेता और कार्यवाहक अध्यक्ष राम बहादुर थापा ‘बादल’ द्वारा दिए गए बयान के बाद पार्टी के भीतर असंतोष उभर आया है। इसी को लेकर पार्टी ने आपातकालीन सचिवालय बैठक बुलाने का निर्णय लिया है।
यह बैठक शुक्रवार को दोपहर 1 बजे आयोजित होगी, जिसमें थापा के बयानों की समीक्षा की जाएगी। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि प्रतिनिधि सभा में उनके बयान पार्टी की आधिकारिक नीतियों और विचारधारा के अनुरूप नहीं थे, जिससे संगठन के भीतर असहमति बढ़ी है।
दरअसल, संसद सत्र के पहले दिन थापा ने अपने संबोधन में वर्तमान सरकार को विदेशी शक्तियों के समर्थन से बना बताया। उन्होंने नेपाल पुलिस और सेना की भूमिका पर भी सवाल उठाए, जिससे विवाद और गहरा गया।
थापा के इस बयान पर पार्टी के उपाध्यक्ष विष्णु पौडेल ने सार्वजनिक रूप से असहमति जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे विचार पार्टी के स्थापित सिद्धांतों के खिलाफ हैं और इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा आवश्यक है।
वहीं, सह महासचिव योगेश भट्टराई ने भी थापा की भाषा और उनके बयान पर आपत्ति जताते हुए आपात बैठक बुलाने और उन्हें चेतावनी देने की मांग की है।
गौरतलब है कि हाल ही में थापा को संसदीय दल का नेता बनाए जाने को लेकर भी पार्टी के भीतर विरोध के स्वर उठे थे। उनके बयान के बाद यह विवाद और गहरा गया है। पार्टी अध्यक्ष केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी के बाद उन्हें कार्यवाहक अध्यक्ष बनाए जाने के फैसले को लेकर भी संगठन में मतभेद सामने आए हैं।