गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
सुपौल में चैती छठ का चार दिवसीय महापर्व उदीयमान सूर्य भगवान को अर्घ्य अर्पित करने के साथ बुधवार सुबह संपन्न हो गया। इस दौरान जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
अहले सुबह से ही व्रती महिलाएं और पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में घाटों पर पहुंचे और पूरी श्रद्धा एवं विधि-विधान के साथ उगते सूर्य को अर्घ्य देकर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
घाटों पर “छठी मैया” के गीतों और मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। कई श्रद्धालु दंड प्रणाम करते हुए घाटों तक पहुंचे, जो इस पर्व की कठिन साधना और अटूट आस्था को दर्शाता है।
सुपौल के विभिन्न छठ घाटों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। रंग-बिरंगी रोशनी और स्वच्छता व्यवस्था ने माहौल को और भी पवित्र बना दिया। प्रशासन द्वारा सुरक्षा और सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
इस अवसर पर कई श्रद्धालुओं ने अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर विशेष पूजा-अर्चना की और बच्चों का मुंडन संस्कार भी कराया। वहीं, कई घरों में कृत्रिम घाट बनाकर भी छठी मैया की पूजा की गई।
चार दिनों तक चले इस महापर्व में व्रतियों ने कठोर नियमों का पालन करते हुए निर्जला व्रत रखा। पर्व के समापन के साथ ही श्रद्धालुओं के चेहरों पर संतोष और मन में शांति का भाव दिखाई दिया।
चैती छठ ने एक बार फिर सुपौल में आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का संदेश दिया, जहां हर कोई छठी मैया की भक्ति में लीन नजर आया।