गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
नई दिल्ली: क्रिकेट इतिहास में कुछ बल्लेबाज ऐसे रहे हैं जिनकी पहचान सिर्फ आंकड़ों से नहीं, बल्कि उनके खेलने के अंदाज से बनी। पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर माजिद खान भी उन्हीं दिग्गजों में शामिल हैं। 28 सितंबर को उनकी जन्मतिथि के मौके पर उनके क्रिकेट करियर की वह खास पारी याद की जाती है, जिसने टेस्ट क्रिकेट में एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया।
माजिद खान का जन्म 28 सितंबर 1946 को लुधियाना, पंजाब में हुआ था। उन्होंने महज 18 साल की उम्र में पाकिस्तान के लिए टेस्ट डेब्यू किया। शुरुआत में उन्हें मुख्य रूप से गेंदबाज के तौर पर टीम में जगह मिली थी, लेकिन उनकी शानदार बल्लेबाजी ने जल्द ही उनकी भूमिका बदल दी।
लंच से पहले ठोक दिया शतक
माजिद खान के करियर की सबसे यादगार पारियों में से एक 1976-77 में न्यूजीलैंड के खिलाफ कराची टेस्ट की रही। 30 अक्टूबर 1976 को उन्होंने ऐसा बल्लेबाजी प्रदर्शन किया, जिसे टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में लंबे समय तक याद किया गया।
माजिद ने महज 74 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। उन्होंने लंच से पहले ही 100 रन पूरे कर लिए थे। इस पारी में उन्होंने 16 चौके और 2 छक्के लगाए।
यह टेस्ट क्रिकेट में लंच से पहले शतक लगाने वाली सिर्फ चौथी पारी थी और माजिद खान पाकिस्तान के पहले बल्लेबाज बने जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल की।
बल्लेबाजी का अंदाज था खास
माजिद खान की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी पहचान उनका टाइमिंग और शॉट सिलेक्शन था। तेज गेंदबाजों के खिलाफ भी वह काफी सहज अंदाज में बल्लेबाजी करते थे।
उनके करियर पर लिखे गए क्रिकेट इतिहास के लेखों में उनकी बल्लेबाजी को खूबसूरत और आक्रामक शैली के लिए याद किया गया है। उन्होंने पाकिस्तान के लिए 63 टेस्ट मैचों में करीब 4 हजार रन और 8 शतक बनाए।
वनडे में भी बनाया इतिहास
माजिद खान का नाम पाकिस्तान के वनडे क्रिकेट इतिहास में भी खास है। 1974 में इंग्लैंड के खिलाफ नॉटिंघम में उन्होंने 93 गेंदों पर 109 रन की पारी खेली। यह पाकिस्तान की ओर से वनडे इंटरनेशनल में पहला शतक था।
क्रिकेट परिवार से था रिश्ता
माजिद खान का परिवार भी क्रिकेट से गहराई से जुड़ा रहा। उनके पिता डॉ. जहांगीर खान ने भारत के लिए क्रिकेट खेला था। वहीं पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इमरान खान उनके कजिन हैं।
माजिद खान ने क्रिकेट से संन्यास के बाद भी खेल से अपना रिश्ता बनाए रखा। वह पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड में चीफ एग्जीक्यूटिव की भूमिका में भी रहे और बाद में ICC मैच रेफरी के तौर पर काम किया।
क्यों याद किए जाते हैं माजिद खान?
माजिद खान का करियर सिर्फ रिकॉर्ड्स तक सीमित नहीं रहा। उनकी बल्लेबाजी का अंदाज, तेज गेंदबाजों के खिलाफ आत्मविश्वास और मैदान पर आकर्षक शॉट्स उन्हें अपने दौर के अलग बल्लेबाजों में शामिल करते थे।
18 साल की उम्र में टेस्ट क्रिकेट में कदम रखने से लेकर लंच से पहले शतक लगाने तक, माजिद खान ने पाकिस्तान क्रिकेट के इतिहास में अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी 1976 की कराची टेस्ट वाली पारी आज भी टेस्ट क्रिकेट की यादगार पारियों में गिनी जाती है।