लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
आसनसोल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। गुरुवार देर रात राहा लेन स्थित तृणमूल जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिलाध्यक्ष नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती और आसनसोल उत्तर से पार्टी प्रत्याशी मलय घटक ने प्रधानमंत्री के आरोपों को सिरे से खारिज किया।
जिलाध्यक्ष नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा पिछले 15 वर्षों में तृणमूल पर बंगाल को “लूटने” का आरोप पूरी तरह निराधार और राजनीतिक बयानबाजी है। उन्होंने कहा कि बंगाल और यहां की जनता के खिलाफ इस तरह की टिप्पणियां निंदनीय हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर राज्य के हिस्से का दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का फंड रोका जा रहा है, वहीं दूसरी ओर बड़े-बड़े वादे किए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, इससे साफ है कि केंद्र सरकार राज्य के विकास में बाधा डाल रही है।
चक्रवर्ती ने भाजपा के आईटी सेल पर निशाना साधते हुए कहा कि बांग्ला भाषा को “बांग्लादेशी भाषा” बताना बंगाल और बंगाली समाज का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं में राज्य की संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान की कमी है।
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं पर ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ने और रवींद्रनाथ टैगोर व बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जैसे महान व्यक्तित्वों के नामों को गलत तरीके से प्रस्तुत करने के आरोप भी लग चुके हैं, जो उनकी मानसिकता को दर्शाता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री पद से किसी को आपत्ति नहीं है, लेकिन यदि इस पद पर रहते हुए बंगाल के साथ “वंचना और भेदभाव” किया जाता है, तो जनता इसका जवाब देगी। साथ ही उन्होंने राज्य के बकाया फंड को लेकर प्रधानमंत्री से जवाब मांगा।
वहीं, तृणमूल प्रत्याशी मलय घटक ने भी प्रधानमंत्री पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हर साल दो करोड़ नौकरियां और प्रत्येक व्यक्ति के खाते में 15 लाख रुपये देने जैसे वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं। ऐसे में जनता अब नए वादों पर भरोसा नहीं करेगी।
उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव में भी 2021 की तरह भाजपा को करारा जवाब मिलेगा।