गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
सम्राट सेना की नई सरकार के गठन के साथ ही अब सबसे ज्यादा चर्चा मंत्रिमंडल की जातीय और सामाजिक संरचना को लेकर हो रही है। पार्टी ने कैबिनेट गठन में सोशल इंजीनियरिंग का पूरा गणित साधने की कोशिश की है, ताकि हर बड़े वोट बैंक को राजनीतिक संदेश दिया जा सके।
सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा फोकस OBC वर्ग पर रखा गया है। इसके अलावा दलित, आदिवासी, सवर्ण और क्षेत्रीय समुदायों को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह रणनीति आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
कैबिनेट में कई नए चेहरों को शामिल कर युवाओं और क्षेत्रीय नेताओं को भी मौका दिया गया है। वहीं महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर भी पार्टी ने जोर दिया है। पार्टी नेतृत्व का दावा है कि यह मंत्रिमंडल “सबका साथ, सबका प्रतिनिधित्व” के फॉर्मूले पर तैयार किया गया है।
विपक्ष ने हालांकि इसे “सिर्फ वोट बैंक की राजनीति” बताया है। लेकिन राजनीतिक जानकारों का कहना है कि भारतीय राजनीति में सोशल इंजीनियरिंग अब सरकार गठन का सबसे अहम हिस्सा बन चुकी है।