लोकल न्यूज ऑफ इंडिया
अदिति जैन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के विजेता शिक्षकों से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने शिक्षकों के समर्पण और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की।
मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि शिक्षकों की भूमिका केवल बच्चों को पाठ्यक्रम पढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके व्यक्तित्व, सोच और भविष्य को आकार देने में भी उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों की स्वाभाविक जिज्ञासा को बनाए रखने और उन्हें रचनात्मक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने बच्चों में बढ़ते स्क्रीन टाइम को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों के साथ मिलकर बच्चों को खेल, शारीरिक गतिविधियों और रचनात्मक कार्यों से जोड़ने पर जोर दिया। इसके अलावा, छात्रों को नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रखने और उनमें जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर भी चर्चा हुई।
बातचीत के दौरान शिक्षा में तकनीक और नए प्रयोगों के इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने शिक्षकों से ऐसे तरीकों को अपनाने का आह्वान किया, जिससे पढ़ाई बच्चों के लिए अधिक रोचक और व्यावहारिक बन सके। उन्होंने छात्रों के आत्मविश्वास और पब्लिक स्पीकिंग जैसे कौशल विकसित करने के महत्व पर भी जोर दिया।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार ऐसे शिक्षकों को सम्मानित करता है जिन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों के सीखने के अनुभव को बेहतर बनाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। 2026 के पुरस्कारों के लिए शिक्षकों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कुल 82 लोगों का चयन किया गया है।
पीएम मोदी की यह मुलाकात शिक्षक दिवस पर देश के शिक्षकों के योगदान को सम्मान देने के साथ-साथ शिक्षा को अधिक रचनात्मक, छात्र-केंद्रित और जीवन से जोड़ने का संदेश भी देती है।