गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को उच्चतम न्यायालय से तत्काल राहत नहीं मिलने के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि खेड़ा को कानून के सामने आत्मसमर्पण कर देना चाहिए और गुवाहाटी जाकर विधिक प्रक्रिया का सामना करना चाहिए। सरमा ने यह बयान कोलकाता में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिया।
दरअसल, उच्चतम न्यायालय ने पवन खेड़ा की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी अंतरिम जमानत बढ़ाने से इनकार कर दिया। न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि उन्हें अग्रिम जमानत के लिए गुवाहाटी उच्च न्यायालय का रुख करना चाहिए। साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि उच्च न्यायालय इस मामले की सुनवाई करते समय सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों से प्रभावित न हो।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि खेड़ा असम की सक्षम अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर करते हैं, तो वर्तमान आदेश का उस पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
यह मामला असम पुलिस में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है, जिसमें पवन खेड़ा पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की पत्नी रिनिकी सरमा को लेकर कई पासपोर्ट रखने और विदेशी संपत्ति छिपाने जैसे आरोप सार्वजनिक रूप से लगाने का मामला दर्ज किया गया है।