लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
नेपाल सरकार ने ईरान में हिरासत में लिए गए नेपाली नागरिक अमृत झा की रिहाई के लिए कूटनीतिक पहल शुरू कर दी है। विदेश मंत्रालय ने अमृत झा से मुलाकात कर उनकी वास्तविक स्थिति जानने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित केसन द्वीप से ईरानी सुरक्षा बलों ने कुल सात लोगों को हिरासत में लिया था, जिनमें से चार को रिहा कर दिया गया, जबकि अमृत झा और दो भारतीय नागरिक अभी भी हिरासत में हैं।
अमृत झा (30) दुबई की एक शिपिंग कंपनी में कार्यरत थे और उनका परिवार त्रियुगा नगरपालिका, उदयपुर में रहता है। उनकी गिरफ्तारी की तिथि और कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सके हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोकबहादुर क्षेत्री पौडेल ने बताया कि अमृत की गिरफ्तारी की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन उन्हें हिरासत में रखने के कारणों और समय को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि यह भी जांच का विषय है कि उन्हें हालिया संघर्ष के दौरान पकड़ा गया या पहले।
कतर स्थित नेपाली दूतावास ईरान में अवैतनिक महावाणिज्यदूत के माध्यम से जानकारी जुटा रहा है और परिवार से संपर्क बनाए हुए है।
बताया गया है कि 25 दिसंबर को ओमान के समुद्र से एक जहाज रवाना हुआ था, जिसमें सात लोग सवार थे। अमृत और दो भारतीय नागरिकों को बाद में अब्बास बंदरगाह स्थित जेल में स्थानांतरित किया गया।
उनकी रिहाई के लिए नियोक्ता कंपनी ब्लैक सी मरीन एलएलसी ने ईरान में वकील नियुक्त कर अदालत में याचिका दायर की है।
वैदेशिक रोजगार विभाग के अनुसार, अमृत 19 जुलाई 2024 को सीमैन के रूप में कार्य करने के लिए यूएई गए थे। उनकी बहन पूजा के मुताबिक, हाल ही में मिले एक वॉइस मैसेज से परिवार को उनके ईरान की जेल में होने की जानकारी मिली।