लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
देशभर में चर्चा में रहे NEET पेपर लीक मामले में अब राजस्थान से जुड़े आरोपियों को लेकर नया खुलासा सामने आया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी दिनेश और मंगीलाल बिवाल ने कथित तौर पर अपने बेटे को मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने के लिए NEET का पेपर खरीदा था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, जब मीडिया ने आरोपियों के परिवार से सवाल पूछने की कोशिश की तो दिनेश और मंगीलाल की पत्नियां कैमरे के सामने चीखने-चिल्लाने लगीं। परिवार ने मामले पर खुलकर जवाब देने से बचने की कोशिश की।
जांच एजेंसियों का दावा है कि Telegram चैट, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल सबूतों से पेपर लीक नेटवर्क के तार कई राज्यों तक जुड़े मिले हैं। आरोप है कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के लिए लाखों रुपये की डील हुई थी।
सूत्रों के मुताबिक, MBBS एडमिशन सुनिश्चित कराने के नाम पर छात्रों और उनके परिवारों से भारी रकम वसूली जाती थी। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ आरोपी परीक्षा माफिया के संपर्क में थे।
इस मामले ने देशभर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष और कई छात्र संगठनों ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जांच एजेंसियां अब बैंक ट्रांजैक्शन, डिजिटल चैट और कॉल रिकॉर्ड्स के जरिए पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।