श्रीनगर, 12 सितंबर: कश्मीर घाटी में प्रधानमंत्री पुनर्वास पैकेज के तहत कार्यरत कश्मीरी पंडित कर्मचारियों ने बढ़ती सुरक्षा चिंताओं और असुरक्षा की भावना के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर तत्काल और ठोस कदम उठाने की मांग की है। कर्मचारियों ने आशंका जताई है कि मौजूदा स्थिति पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो समुदाय के सामने एक और विस्थापन का खतरा पैदा हो सकता है।
All PM Package Employees Forum के अध्यक्ष सनी रैना ने पत्र में घाटी में रह रहे और काम कर रहे कश्मीरी हिंदू कर्मचारियों तथा उनके परिवारों के बीच बढ़ते भय और अनिश्चितता का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडित परिवार घाटी में दोबारा बसने की कठिन कोशिश कर रहे हैं, लेकिन 2021 के बाद नागरिकों और कश्मीरी हिंदुओं की लक्षित हत्याओं ने परिवारों में गहरी चिंता पैदा की है।
कर्मचारियों ने कहा कि हालिया धमकी भरे पत्रों और डराने-धमकाने की घटनाओं को अलग-अलग घटनाओं के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि 1990 के दशक में भी धमकी भरे पत्र और नोटिस कश्मीरी हिंदू परिवारों में भय पैदा करने वाले शुरुआती संकेतों में शामिल थे।
पत्र में गृह मंत्रालय से कश्मीरी हिंदुओं और PM पैकेज कर्मचारियों को मिल रही धमकियों की गहन जांच, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और हिंसा भड़काने की कोशिशों पर रोक लगाने की मांग की गई है।
कर्मचारियों ने PM पैकेज कर्मचारियों, उनके परिवारों और आवासीय कॉलोनियों के आसपास खुफिया तंत्र एवं निवारक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग भी की है। इसके अलावा सभी PM पैकेज आवासों और बस्तियों की व्यापक सुरक्षा समीक्षा तथा खतरे की स्थिति में तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी शिकायत तंत्र बनाने की अपील की गई है।
पत्र में कहा गया है कि कर्मचारियों को रोजगार और व्यक्तिगत सुरक्षा के बीच चुनाव करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। कर्मचारियों ने घाटी में उभर रहे किसी भी लक्षित डराने-धमकाने के पैटर्न की लगातार निगरानी की मांग की है, ताकि स्थिति दोबारा बड़े पैमाने पर विस्थापन की ओर न बढ़े।
कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य घाटी छोड़ना नहीं, बल्कि कश्मीर में रहकर काम करना और सम्मान व सुरक्षा के साथ जीवन बिताना है। उन्होंने केंद्र सरकार से मौजूदा भय के माहौल को मानवीय संकट में बदलने से पहले तत्काल, स्पष्ट और प्रभावी कार्रवाई करने की अपील की है।
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
अमित कुमार पांडेय