लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
गुवाहाटी, 23 मार्च। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ महिला नेता, असम सरकार की कैबिनेट मंत्री और हाफलोंग से मौजूदा विधायक नंदिता गार्लोसा ने पार्टी से टिकट न मिलने के बाद बड़ा राजनीतिक कदम उठाते हुए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का दामन थाम लिया है।
यह घटनाक्रम रविवार देर रात हुआ, जब उन्होंने कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान हाफलोंग से कांग्रेस उम्मीदवार निर्मल लांग्थासा और असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
माना जा रहा है कि गार्लोसा अब हाफलोंग सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल कर सकती हैं। उनके कांग्रेस में शामिल होने से इस सीट पर उम्मीदवार बदलने की भी संभावना जताई जा रही है।
दरअसल, इस बार भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया और उनकी जगह नए चेहरे रूपाली लांग्थासा को मौका दिया। टिकट से बाहर होने के बाद से ही उनके असंतोष की चर्चा चल रही थी।
भाजपा द्वारा कई मौजूदा विधायकों को टिकट न देने के फैसले को लेकर भी राजनीतिक हलकों में बहस तेज है। मुख्यमंत्री ने इसे पार्टी में नए चेहरों को अवसर देने की रणनीति बताया है।
वहीं, असम भाजपा अध्यक्ष और सांसद दिलीप सैकिया ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी छोड़ना गार्लोसा का व्यक्तिगत निर्णय है, हालांकि अगर वे पार्टी में रहतीं तो यह अधिक परिपक्व कदम होता।
कांग्रेस ने गार्लोसा के शामिल होने को हाफलोंग क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया है।