लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
करीब 32 साल के इंतजार के बाद हरियाणा और राजस्थान ने 1994 के अपर यमुना बेसिन जल बंटवारा समझौते को लागू करने के लिए अहम करार पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत हरियाणा जुलाई से अक्टूबर तक राजस्थान को उसकी निर्धारित हिस्सेदारी का यमुना जल तीन भूमिगत पाइपलाइनों के जरिए उपलब्ध कराएगा।
यह समझौता लंबे समय से लंबित यमुना जल परियोजना को आगे बढ़ाएगा। परियोजना के तहत करीब 300 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिससे राजस्थान के जल संकट से जूझ रहे इलाकों, विशेषकर शेखावाटी क्षेत्र, को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹34,102 करोड़ बताई गई है।
केंद्रीय गृह मंत्री की मौजूदगी में हुए इस समझौते को सहकारी संघवाद का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। इसमें जल आवंटन, लागत साझेदारी, रखरखाव और निगरानी जैसी व्यवस्थाओं को भी शामिल किया गया है, ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद न हो।