लोकल न्यूज ऑफ इंडिया
अदिति जैन
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत की धरती से यूरोपीय देशों को कड़ी चेतावनी दी है। भारत दौरे के दौरान पुतिन ने रूस और यूरोप के बीच बढ़ते तनाव पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि अगर यूरोपीय देश रूस के खिलाफ सीधे सैन्य संघर्ष में उतरते हैं, तो इसका जवाब रूस की ओर से भी दिया जाएगा।
पुतिन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को लेकर यूरोपीय देशों की भूमिका लगातार चर्चा में है। यूरोप के कई देश यूक्रेन को सैन्य और आर्थिक मदद दे रहे हैं। इसी बीच रूस की ओर से लगातार यह संकेत दिए जाते रहे हैं कि पश्चिमी देशों की सीधी सैन्य भागीदारी संघर्ष को और गंभीर बना सकती है।
पुतिन ने साफ संकेत दिया कि रूस किसी भी संभावित सैन्य चुनौती का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने यूरोपीय देशों को रूस के साथ सीधे टकराव के संभावित परिणामों को लेकर आगाह किया। उनके बयान को रूस-यूरोप संबंधों में बढ़ते तनाव के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत में पुतिन का यह बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि भारत लंबे समय से रूस और पश्चिमी देशों के बीच संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान की वकालत करता रहा है। भारत ने यूक्रेन संकट पर बातचीत और कूटनीति को ही आगे बढ़ने का रास्ता बताया है।
पुतिन के बयान के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि रूस और यूरोपीय देशों के बीच तनाव किस दिशा में जाएगा। अगर यूरोप और रूस के बीच सीधा सैन्य टकराव होता है, तो इसका असर केवल दोनों पक्षों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक सुरक्षा, ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल पुतिन के इस बयान ने रूस-यूरोप तनाव और यूक्रेन युद्ध को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चा छेड़ दी है। आने वाले दिनों में यूरोपीय देशों की प्रतिक्रिया पर सभी की नजर रहेगी।