गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हुए हमले को लेकर कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के बयान ने नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। नेता ने इस घटना को “जनता का जवाब” बताते हुए कहा कि जब लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर होती हैं, तो जनता का गुस्सा इस तरह सामने आता है।
उन्होंने कहा, “अमेरिका जिस तरह बर्बादी की राह पर बढ़ा, उसी तरह भारत भी गलत दिशा में जा रहा है। जब असहमति को दबाया जाता है और सत्ता सिर्फ प्रचार पर चलती है, तो जनता का असंतोष विस्फोटक रूप ले सकता है।”
इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई। विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं। भाजपा नेताओं ने इस बयान को गैर-जिम्मेदाराना और हिंसा को बढ़ावा देने वाला बताया। उनका कहना है कि किसी भी लोकतंत्र में हिंसक हमलों को सही ठहराना बेहद खतरनाक है।
वहीं कांग्रेस के कुछ नेताओं ने बयान को व्यक्तिगत राय बताते हुए पार्टी का आधिकारिक रुख इससे अलग बताया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस मामले पर आंतरिक स्तर पर चर्चा की जा सकती है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ट्रंप पर हमले को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हैं और घटना की जांच जारी है। ऐसे समय में भारतीय नेताओं के बयान राजनीतिक और कूटनीतिक दोनों स्तरों पर असर डाल सकते हैं।
फिलहाल यह बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है और इसे लेकर तीखी बहस जारी है।