गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर गठबंधन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। Akhilesh Yadav ने हाल ही में बयान देते हुए कहा कि “बात सीट की नहीं, जीत की होनी चाहिए।” उनके इस बयान के बाद सियासी गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अखिलेश यादव का यह बयान सीधे तौर पर कांग्रेस के लिए संदेश हो सकता है। पिछले कुछ समय से सीट शेयरिंग और गठबंधन को लेकर दोनों दलों के बीच खींचतान की खबरें सामने आती रही हैं। ऐसे में अखिलेश का यह बयान यह संकेत भी दे सकता है कि समाजवादी पार्टी भविष्य की रणनीति को लेकर अब ज्यादा आक्रामक रुख अपनाने के मूड में है।
हालांकि सपा की ओर से आधिकारिक तौर पर गठबंधन टूटने जैसी कोई बात नहीं कही गई है, लेकिन पार्टी नेताओं के बयान लगातार राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे रहे हैं। दूसरी ओर बीजेपी भी विपक्षी एकता पर सवाल उठा रही है और INDIA गठबंधन को कमजोर बता रही है।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीट बंटवारे को लेकर क्या फॉर्मूला निकलता है, या फिर यूपी की राजनीति में नया मोड़ देखने को मिलेगा।