लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फ्रांस की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान पेरिस में आयोजित भारत-फ्रांस बिजनेस राउंडटेबल में फ्रांसीसी कंपनियों और निवेशकों को 'विकसित भारत 2047' अभियान का साझेदार बनने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में निवेश, नवाचार और टिकाऊ विकास का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है तथा फ्रांसीसी उद्योगों के लिए भारत में दीर्घकालिक निवेश की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
वित्त मंत्री ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल अवसंरचना, स्वास्थ्य सेवाएं, वित्तीय सेवाएं, उन्नत विनिर्माण और नवाचार जैसे क्षेत्रों में भारत व्यापक अवसर प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी आने वाले वर्षों में नवाचार आधारित, टिकाऊ और लचीले आर्थिक विकास को नई गति दे सकती है।
सीतारमण ने अपने संबोधन में बताया कि भारत और फ्रांस के बीच आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और भारत में लगभग एक हजार फ्रांसीसी कंपनियां विभिन्न क्षेत्रों में सफलतापूर्वक कारोबार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत की स्थिर नीतियां, मजबूत डिजिटल इकोसिस्टम, कुशल मानव संसाधन और तेजी से विकसित हो रहा बुनियादी ढांचा विदेशी निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि नवाचार, हरित विकास, तकनीकी प्रगति और समावेशी विकास के माध्यम से भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। इस लक्ष्य को हासिल करने में वैश्विक साझेदारों, विशेषकर फ्रांस जैसे रणनीतिक सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
बैठक में शामिल फ्रांसीसी उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और निवेशकों से सीतारमण ने भारत में दीर्घकालिक निवेश, प्रौद्योगिकी सहयोग और संयुक्त परियोजनाओं पर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत और फ्रांस के बीच आर्थिक सहयोग आने वाले वर्षों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा और दोनों देशों के लिए पारस्परिक लाभ के नए अवसर पैदा करेगा।