लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
दिल्ली सरकार ने जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल शुरू की है। 10 जुलाई 2026 को दिल्ली सचिवालय में 75 CM श्री स्कूलों में रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के लिए त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
यह समझौता शिक्षा निदेशालय, इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) और एहसास NGO के बीच हुआ है। यह परियोजना केंद्र सरकार के 'कैच द रेन' अभियान के तहत लागू की जाएगी।
तीनों संस्थाओं की जिम्मेदारी तय
समझौते के तहत शिक्षा निदेशालय स्कूलों में प्रशासनिक सहयोग और सिस्टम के रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगा। वहीं IGL अपनी कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंडिंग के जरिए इस परियोजना को आर्थिक सहायता देगा। एहसास NGO रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने और पूरे काम को जमीन पर लागू करने का कार्य करेगा।
हर स्कूल में करीब 2 लाख लीटर पानी रिचार्ज होगा
इस परियोजना के तहत स्कूलों में तकनीकी जांच, पुराने खराब सिस्टम की मरम्मत, नए रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग यूनिट लगाने और छात्रों व शिक्षकों के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
अनुमान के मुताबिक, प्रत्येक स्कूल में हर साल करीब 2 लाख लीटर भूजल रिचार्ज किया जा सकेगा। 75 स्कूलों को मिलाकर यह क्षमता लगभग 50 करोड़ लीटर प्रति वर्ष तक पहुंचने की उम्मीद है।
एहसास मॉडल से होगा काम
इस परियोजना में एहसास मॉडल का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसे दिल्ली जल बोर्ड ने वर्ष 2021 में मंजूरी दी थी। यह मॉडल कम लागत और कम रखरखाव के लिए तैयार किया गया है। इसमें बारिश के पानी को फिल्टर करके भूजल रिचार्ज के लिए भेजा जाता है।
मई 2026 तक किए गए एक विस्तृत ऑडिट में सामने आया था कि कई स्कूलों में पहले से मौजूद रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम खराब रखरखाव के कारण काम नहीं कर रहे थे। नई पहल का उद्देश्य इन सिस्टमों को दोबारा सक्रिय करना और स्कूलों में जल संरक्षण की संस्कृति को बढ़ावा देना है।