लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
हिंदी सिनेमा में जब महिला किरदारों को सीमित भूमिकाओं में देखा जाता था, तब फियरलेस नाडिया ने अपने दमदार स्टंट और एक्शन से इतिहास रच दिया। मैरी ऐन इवांस के नाम से जन्मी नाडिया को भारतीय सिनेमा की पहली महिला एक्शन स्टार और 'एक्शन क्वीन' माना जाता है।
1908 में ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में जन्मी मैरी ऐन इवांस बचपन में भारत आ गई थीं। मुंबई आने के बाद उन्होंने आर्मी एंड नेवी स्टोर में सेल्सगर्ल के रूप में काम किया। बाद में उन्होंने बैले सीखा, थिएटर और सर्कस से जुड़ीं और यहीं से उनके फिल्मी सफर की शुरुआत हुई। एक भविष्यवक्ता की सलाह पर उन्होंने अपना नाम बदलकर 'नाडिया' रख लिया।
1935 में रिलीज हुई फिल्म 'हंटरवाली' ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया। फिल्म में उन्होंने नकाबपोश नायिका का किरदार निभाया, जो हंटर (कोड़ा) लेकर अन्याय और अपराधियों के खिलाफ लड़ती थी। फिल्म की जबरदस्त सफलता के बाद वह 'हंटरवाली' के नाम से मशहूर हो गईं।
फियरलेस नाडिया अपने लगभग सभी स्टंट खुद करती थीं। चलती ट्रेन पर लड़ाई, ऊंची इमारतों से छलांग, घुड़सवारी और खतरनाक एक्शन दृश्यों ने उन्हें उस दौर की सबसे लोकप्रिय स्टार बना दिया। उन्होंने महिलाओं की पारंपरिक छवि को बदलते हुए पर्दे पर एक साहसी और आत्मनिर्भर नायिका की पहचान बनाई।
'हंटरवाली' के बाद नाडिया ने पंजाब मेल, डायमंड क्वीन, जंगल प्रिंसेस और हंटरवाली की बेटी जैसी कई सफल फिल्मों में काम किया। उनकी लोकप्रियता कई दशकों तक बनी रही और आज भी उन्हें हिंदी सिनेमा की पहली महिला सुपरस्टार स्टंट कलाकारों में गिना जाता है।