लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
मिस यूनिवर्स फातिमा बॉश ने अफगान महिलाओं के अधिकारों और उनकी स्थिति को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान की कई महिलाओं को अपनी बात रखने और अपनी आवाज दुनिया तक पहुंचाने का मौका नहीं मिल पा रहा है। फातिमा ने अपने मंच का इस्तेमाल महिलाओं के मुद्दों को सामने लाने के लिए करने की बात कही।
फातिमा बॉश, जो मिस यूनिवर्स का खिताब जीतने के बाद लगातार सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रख रही हैं, ने महिलाओं के सशक्तिकरण और समान अधिकारों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी भूमिका केवल एक सौंदर्य प्रतियोगिता की विजेता तक सीमित नहीं है, बल्कि वह उन मुद्दों पर भी बोलना चाहती हैं जो दुनियाभर की महिलाओं को प्रभावित करते हैं।
अफगानिस्तान में महिलाओं और लड़कियों के अधिकार लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय रहे हैं। शिक्षा, काम और सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की भागीदारी को लेकर कई वैश्विक संगठनों ने भी चिंता जताई है। फातिमा ने इसी संदर्भ में अफगान महिलाओं के लिए समर्थन की बात कही।
उन्होंने अपने संदेश के जरिए यह बताने की कोशिश की कि दुनिया भर में महिलाओं की आवाज और अधिकारों को महत्व मिलना चाहिए। फातिमा का कहना है कि बदलाव के लिए जागरूकता और समर्थन जरूरी है।