लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान ने हालिया इंटरव्यू में स्वीकार किया कि निर्देशक आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर' ने फिल्मों और स्क्रिप्ट चुनने के उनके नजरिए पर गहरा असर डाला है। सैफ ने कहा कि उन्हें लगता है कि हिंदी सिनेमा अब "धुरंधर से पहले" और "धुरंधर के बाद" के दौर में बंट गया है।
सैफ ने बताया कि अब दर्शक केवल बड़े सितारों या पारंपरिक फॉर्मूलों वाली फिल्मों से संतुष्ट नहीं हैं। उनका मानना है कि जुनून के साथ बनाई गई अलग और नई सोच वाली फिल्मों को लोग ज्यादा पसंद कर रहे हैं। यही वजह है कि फिल्में चुनने के तरीके पर भी नए सिरे से सोचने की जरूरत है।
उन्होंने खास तौर पर 'धुरंधर' के संगीत की तारीफ करते हुए कहा कि फिल्म ने यह दिखाया है कि गाने कहानी का स्वाभाविक हिस्सा भी हो सकते हैं। सैफ के मुताबिक, भारतीय सिनेमा को बदलते दर्शकों की पसंद के साथ आगे बढ़ना होगा और नई रचनात्मक सोच अपनानी होगी।
सैफ के इस बयान के बाद 'धुरंधर' एक बार फिर चर्चा में आ गई है। सोशल मीडिया पर फैंस उनके बयान को हिंदी सिनेमा में बदलाव की दिशा में एक अहम टिप्पणी मान रहे हैं।