गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
आज की डिजिटल दुनिया में जहां लोग घंटों मोबाइल, लैपटॉप और अन्य स्क्रीन पर समय बिता रहे हैं, वहीं “Screen Break Culture” तेजी से एक जरूरी लाइफस्टाइल ट्रेंड बनता जा रहा है। एक्सपर्ट्स के अनुसार लगातार स्क्रीन देखने से आंखों में थकान, सिरदर्द और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
इन्हीं समस्याओं से बचाव के लिए अब लोग अपने रूटीन में छोटे-छोटे ब्रेक शामिल कर रहे हैं। 20-20-20 नियम को सबसे प्रभावी माना जा रहा है, जिसमें हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा हर 1–2 घंटे में 5 से 10 मिनट का ब्रेक लेना भी जरूरी बताया गया है।
ब्रेक के दौरान हल्की वॉक, स्ट्रेचिंग, पानी पीना और आंखों को आराम देना बेहद फायदेमंद होता है। वहीं एक्सपर्ट्स यह भी सलाह देते हैं कि ब्रेक के समय मोबाइल या अन्य स्क्रीन से दूर रहना चाहिए, ताकि दिमाग को पूरी तरह से आराम मिल सके।
रात के समय स्क्रीन से दूरी बनाना भी इस ट्रेंड का अहम हिस्सा है। सोने से 30–60 मिनट पहले स्क्रीन बंद करने से नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है और मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि Screen Break Culture न सिर्फ आंखों की सेहत के लिए जरूरी है, बल्कि यह कार्यक्षमता और मानसिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।