लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
एक नए अध्ययन में पाया गया है कि मल्टीपल मायलोमा से पीड़ित मरीजों, जिन्हें गंभीर स्थिति में ICU में भर्ती करना पड़ता है, उनकी जीवित रहने की संभावना में पिछले वर्षों की तुलना में सुधार हुआ है।
शोधकर्ताओं ने 17 वर्षों के आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए 2007 से 2023 के बीच एक ICU में भर्ती 428 वयस्क मरीजों के परिणामों का अध्ययन किया। इस दौरान यह देखा गया कि मायलोमा के इलाज और गंभीर देखभाल में हुई प्रगति का मरीजों के अल्पकालिक और दीर्घकालिक स्वास्थ्य परिणामों पर क्या प्रभाव पड़ा।
अध्ययन के अनुसार, समय के साथ मरीजों की स्थिति में सुधार देखा गया, हालांकि हाल के वर्षों में ICU में आने वाले मरीज पहले की तुलना में अधिक गंभीर बीमारियों के साथ भर्ती हो रहे थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि कैंसर उपचार में नई दवाओं, बेहतर निगरानी तकनीकों और उन्नत क्रिटिकल केयर सुविधाओं ने मल्टीपल मायलोमा मरीजों के इलाज में सकारात्मक भूमिका निभाई है।
शोधकर्ताओं ने कहा कि आगे भी बेहतर उपचार रणनीतियों और व्यक्तिगत देखभाल योजनाओं से मरीजों के परिणामों में और सुधार की संभावना है।