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जंगल के बीच लोकतंत्र: माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी में जंगली जानवरों के साये में होगा मतदान

पश्चिम बंगाल के माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी क्षेत्र में मतदान के दौरान मतदाताओं को जंगल और जंगली जानवरों के खतरे का सामना करना पड़ता है। वन विभाग ने सुरक्षा के लिए हाई अलर्ट जारी किया है।

By : Local News of India
जंगल के बीच लोकतंत्र: माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी में जंगली जानवरों के साये में होगा मतदान

जंगल के बीच लोकतंत्र: माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी में जंगली जानवरों के साये में होगा मतदान

लिसिका ग्रोवर 
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया 

 

पश्चिम बंगाल के माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी विधानसभा क्षेत्र में मतदान केवल एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि खतरे के बीच साहस की परीक्षा बन जाता है। कई मतदान केंद्र ऐसे इलाकों में स्थित हैं, जहां चारों ओर घने जंगल हैं और जंगली जानवरों का लगातार खतरा बना रहता है।

महानंदा वन्यजीव अभयारण्य और कर्सियांग के वन क्षेत्रों से घिरे इन इलाकों में हाथियों के झुंड, तेंदुए, जंगली सूअर और विषैले सांपों की मौजूदगी आम बात है। इसके बावजूद मतदाताओं को मतदान के लिए इन खतरनाक रास्तों से गुजरना पड़ता है।

स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की है। मतदान से एक दिन पहले रात से ही जंगल से सटे सभी मतदान केंद्रों और गांवों में वनकर्मियों की निगरानी शुरू हो जाएगी। 24 घंटे के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल तैयार रखा जाएगा, जो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करेगा।

वन विभाग ने संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को भी सतर्क कर दिया है, ताकि यदि किसी भी गांव या मतदान केंद्र के आसपास जंगली जानवरों की गतिविधि दिखे, तो तुरंत सूचना दी जा सके। जंगली जानवरों को दूर रखने के लिए आवश्यक संसाधन भी पहले ही उपलब्ध करा दिए गए हैं।

कुछ संवेदनशील मतदान केंद्रों पर वनकर्मियों के साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों की भी तैनाती की जाएगी। वन विभाग के अधिकारी राहुलदेव मुखोपाध्याय ने बताया कि जंगल में जंगली जानवरों की मौजूदगी स्वाभाविक है और उन्हें हटाया नहीं जा सकता। इसलिए कोशिश की जाएगी कि मतदान के दिन उन्हें घने जंगल के भीतर ही सीमित रखा जाए।

उन्होंने कहा कि गश्ती वाहन, नियंत्रण कक्ष और विशेष टीमों के जरिए पूरी निगरानी की जाएगी, ताकि मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

गौरतलब है कि 23 अप्रैल को उत्तर बंगाल समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में पहले चरण का मतदान होना है। ऐसे में नक्सलबाड़ी, बागडोगरा और सुकना जैसे इलाकों में वन विभाग ने ‘हाई अलर्ट’ जारी किया है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

बेंगडुबी, तिरिहाना, अड़द-तराई, किरणचंद्र, बेलगाछी, लोहागढ़ और बामनडांगी जैसे क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है, ताकि कोई भी जंगली जानवर जंगल से बाहर न आ सके और मतदाता सुरक्षित रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

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